बिन्दुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों की हुंकार से गूंजा उठा क्षेत्र

बिन्दुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर उमड़ा जनसैलाब, हजारों लोगों की हुंकार से गूंजा उठा क्षेत्र

रिपोर्ट- ऐजाज जर्नलिस्ट

लालकुआं। बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर आज बिन्दुखत्ता से लेकर लालकुआं तक सड़कों पर लोगों का जनसैलाब दिखाई दिया। संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आयोजित इस महारैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब यह मुद्दा केवल ज्ञापन तक सीमित ना होकर जनआंदोलन का रूख अख्तियार कर चुका है।

बुधवार सुबह से ही बिन्दुखत्ता क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों से ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, निजी वाहनों और पैदल जुलूस के रूप में जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर मैदान पहुंचने लगे और देखते ही देखते मैदान खचाखच भर गया। जोश भरे नारों और उमड़े जनसैलाब ने साफ कर दिया कि बिन्दुखत्ता को राजस्व गांव के लिए आंदोलन निर्णायक दिशा में बढ़ रहा है।

बिन्दुखत्ता के कोने-कोने से पहुंचे लोगों ने एक स्वर में राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग दोहराई। मंच से गूंजते क्रांतिकारी और देशभक्ति गीतों ने आंदोलन को भावनात्मक धार दी। ‘भारत माता की जय’ और ‘बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाओ’ के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा। “ले मशालें चल पड़े हैं लोग मेरे गांव के” जैसे गीतों पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग उत्साह से झूमते नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व गांव का दर्जा न मिलने के कारण क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पीछे रह गया है। बुनियादी सुविधाओं, भूमि अधिकार और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आ रही बाधाओं ने लोगों को आंदोलन के लिए मजबूर किया है। ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश है कि अब आधे-अधूरे आश्वासन स्वीकार नहीं होंगे।

वहीं इस महारैली में कई राजनैतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। वन अधिकार समिति और पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने भी मंच से आंदोलन को समर्थन दिया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की भागीदारी ने रैली को एक जनसैलाब में बदल दिया।

आयोजकों के मुताबिक यह महारैली सरकार को स्पष्ट संदेश देने के लिए आयोजित की गई। यदि बिन्दुखत्ता को शीघ्र राजस्व गांव बनाने का सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

वहीं आज उमड़े ऐतिहासिक जनसैलाब ने साफ संकेत दे दिया है कि बिन्दुखत्ता की जनता अब अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई के मूड में है और राजस्व गांव का दर्जा मिलने तक लोगों का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

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Author: News 24 Uk Up

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