इन्सानी खून से लाल हो रहा नेशनल हाईवे-109, हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर 3 दिन में 5 मौतों से यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

इन्सानी खून से लाल हो रहा नेशनल हाईवे-109, हल्द्वानी-लालकुआं मार्ग पर 3 दिन में 5 मौतों से यातायात व्यवस्था पर उठे सवाल

हल्द्वानी-लालकुआं-पंतनगर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-109 मौत का हाईवे बनता जा रहा है। बीते तीन दिनों में इस मार्ग पर हुए दो बड़े हादसों में 5 युवकों की मौत ने पूरे कुमाऊं को झकझोर कर रख दिया है। इससे एक तरफ जहां उनके परिवारों में मातम पसरा है, वहीं दूसरी तरफ यातायात व्यवस्था और जिम्मेदार महकमों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

पहला हादसा नगला-लालकुआं के बीच रविवार को नेशनल हाईवे-109 पर नगला के पास स्कूटी और कैंटर की जोरदार भिड़ंत में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, स्कूटी संख्या UK04 AN 5112 और कैंटर UP25 FT 1983 की टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार चेतन बिष्ट (21वर्ष) और दीक्षित बिष्ट (24वर्ष) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

वहीं दूसरा हादसा हल्द्वानी तीनपानी फ्लाईओवर पर हुआ, यहां एक तेज रफ्तार कार के अनियंत्रित होकर पलटने से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। कार हल्द्वानी से लालकुआं की ओर आ रही थी। बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर के तीखे मोड़ पर कार डिवाइडर से टकराकर कई बार पलटी। सूत्रों के मुताबिक, हादसे का शिकार हुए सभी युवक नाबालिग बताए जा रहे हैं। इस हादसे में घायल युवती को एसटीएच हल्द्वानी में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रहा है। इस हाईवे पर मौतों का सिलसिला लगातार जारी है।

गौरतलब हो कि गोरापड़ाव से हल्दूचौड़ और तीनपानी फ्लाईओवर को कई साल पहले डेंजरस जोन घोषित किया गया था, लेकिन आज तक वहां गति नियंत्रक, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त लाइटिंग तक नहीं लग पाई। वहीं तीनपानी फ्लाईओवर बन तो गया, लेकिन उसके अप्रोच रोड पर तीखा मोड़, फिसलन और रात में अंधेरा हादसों को लगातार दावत दे रहा है।

इधर हल्द्वानी के तीनपानी में हुए ताजा हादसे ने एक और कड़वी सच्चाई उजागर की है। नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस तेज रफ्तार में वाहन चलाना अब आम हो गया है। अभिभावक और वाहन स्वामी की लापरवाही भी इसमें बराबर की जिम्मेदार है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात 10 बजे के बाद नेशनल हाईवे-109 पर बराबर कोई ट्रैफिक पुलिस, इंटरसेप्टर या चेकिंग नहीं होती। इसी का फायदा उठाकर ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहन बेखौफ दौड़ते हैं। इस क्षेत्र में लगातार 5 मौतों के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि एनएचएआई (NHAI) ने 50 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर-अंडरपास और 7.2 किलोमीटर लंबे लालकुआं बाईपास की घोषणा तो की है, लेकिन धरातल पर काम बेहद धीमी रफ्तार से चाल से चल रहा है।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार महकमें हर हादसे के बाद केवल पंचनामा और जांच की बात कहकर सोते रहेंगे, या आए दिन खून से लाल होती सड़कों को देखकर उनकी नींद टूटेगी? इधर पुलिस ने दोनों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और वाहन स्वामियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

News 24 Uk Up
Author: News 24 Uk Up

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