
पंतनगर विश्वविद्यालय के शिक्षा को उद्योगपरक बनाने की ऐतिहासिक पहलः सभी पाठ्यक्रमों में ब्रिज कोर्स की संकल्पना लागू
पंतनगर, 26 अक्टूबर 2026। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर ने शिक्षा को उद्योगपरक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय ने सभी पाठ्यक्रमों में ब्रिज कोर्स की अवधारणा लागू करने की योजना बनाई है। इसके तहत विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान ही संबंधित उद्योगों के विशेषज्ञों और सफल उद्यमियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के साथ उन्हें रोजगार एवं उद्यमिता के लिए तैयार करना है। इस उपलक्ष्य में कुलपति डा. शिवेन्द्र कुमार कश्यप की अध्यक्षता में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों के साथ एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत कृषि, पशु चिकित्सा एवं पशु पालन, प्रौद्योगिकी, सामुदायिक, मत्स्य, कृषि व्यवसाय प्रबंधन और विज्ञान एवं मानविकी सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को संबंधित उद्योगों के विशेषज्ञों से जोड़ा जाएगा। ये विशेषज्ञ विद्यार्थियों को औद्योगिक संभावनाओं, बाजार की मांग, स्टार्टअप स्थापना और करियर के अवसरों के बारे में मार्गदर्शन देंगे। योजना के तहत खाद्य प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को फूड प्रोसेसिंग कंपनियों तथा बीज विज्ञान के विद्यार्थियों को बीज उद्योग से जुड़े उद्यमियों का मार्गदर्शन मिलेगा। इससे विद्यार्थी अपने विषय के व्यावहारिक पक्षों और उद्योग जगत की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इस योजना को मूर्त रूप देने के लिए विश्वविद्यालय की लर्निंग टीम और फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर ने पिछले छह महीनों से कार्य किया है। विष्वविद्यालय के सभी महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं और विभागाध्यक्षों के सहयोग से देशभर के प्रमुख उद्योगों एवं सफल उद्यमियों का डेटाबेस तैयार किया गया है। प्रत्येक विभाग ने अपने विषय से संबंधित 10 से 15 प्रमुख उद्योगों और उद्यमियों की सूची बनाई है। इस प्रकार विश्वविद्यालय के पास 500 से अधिक उद्योग विशेषज्ञों का नेटवर्क तैयार हो गया है।
कुलपति डा. शिवेंद्र कुमार कश्यप के अनुसार, यह पहल केवल अतिथि व्याख्यानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विद्यार्थियों को नियमित संवाद, परियोजना मूल्यांकन, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट में भी सहयोग प्रदान करेगी। उद्योग विशेषज्ञ ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से विद्यार्थियों से जुड़ेंगे। उनके सुझावों के आधार पर पाठ्यक्रमों को उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के अनुरूप अद्यतन करने में भी मदद मिलेगी। विश्वविद्यालय की योजना इसी सेमेस्टर से शुरू करने की है। इसके तहत सभी महाविद्यालयों में उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जाएंगे। इस पहल से विद्यार्थियों को डिग्री पूरी करने से पहले ही उद्योगों की कार्यप्रणाली और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय की यह पहल कृषि शिक्षा को व्यावहारिक, रोजगारपरक और उद्यमिता-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। कार्यक्रम का संचालन निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल ने किया।








