
अंकिता हत्याकांड पर फिर गरमाई सियासत, बोले नेता प्रतिपक्ष तीन साल बाद सीबीआई जांच की घोषणा सरकार की नाकामी का सबूत
लालकुआं। अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति के बाद प्रदेश की राजनीति एक बार फिर से गर्माती हुई दिखाई दे रही है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सीबीआई जांच का फैसला इस बात का संकेत है कि सरकार खुद मान रही है कि शुरुआती जांच में गंभीर चूक हुई थी। उन्होंने कहा कि इस फैसले तक पहुंचने में सरकार को पूरे तीन साल लग गए, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के हल्दूचौड़ में मीडिया से बातचीत करते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि यह जनता और विपक्ष के लगातार दबाव का ही परिणाम है कि आखिरकार सरकार को सीबीआई जांच की घोषणा करनी पड़ी। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि सिर्फ घोषणा से बात पूरी नहीं होगी, बल्कि कई बड़े सवालों का जवाब भी सरकार को देना होगा।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा कि आखिर वह ‘वीआईपी’ कौन था, जिसका नाम इस पूरे प्रकरण में बार-बार सामने आता रहा। साथ ही यह भी सवाल खड़ा किया कि घटना वाली रात रिज़ॉर्ट पर बुलडोज़र किसके आदेश पर चलाया गया और सबूत नष्ट करने की साजिश के पीछे कौन जिम्मेदार था।
उन्होंने मांग की, कि वीआईपी एंगल की स्वतंत्र जांच हो, सबूत मिटाने के आदेश देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय मिल सके।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छीमवाल, ब्लाक अध्यक्ष कैलाश दुमका, वरिष्ठ नेता हरेंद्र बोरा, हेमवती नंदन दुर्गापाल, शंकर जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य कमला दुर्गापाल, राजेंद्र दुर्गापाल, उमेश कबड़वाल, महिला नेत्री बीना जोशी समेत तमाम कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।








