
बिजली निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल के विरोध में 12 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान
देहरादून। बिजली क्षेत्र के निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल–2025 और राष्ट्रीय विद्युत नीति–2026 के विरोध में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर 12 फरवरी को देशव्यापी एकदिवसीय हड़ताल की जाएगी। इस हड़ताल में उत्तराखंड समेत पूरे देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर भाग लेंगे।
देहरादून के ईसी रोड स्थित एक होटल में शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल का सीधा नुकसान आम उपभोक्ताओं और किसानों को होगा। उन्होंने बताया कि बिल में अगले पांच वर्षों के भीतर क्रॉस सब्सिडी समाप्त करने का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली और आम उपभोक्ताओं को दी जा रही रियायती बिजली पर संकट खड़ा हो जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि रेलवे, मेट्रो और स्पेशल इकोनॉमिक जोन को मिलने वाली क्रॉस सब्सिडी भी खत्म की जा रही है, जिससे सरकारी बिजली वितरण कंपनियां आर्थिक रूप से कमजोर होंगी। बिल में प्रस्तावित ‘कॉस्ट रिफ्लेक्टिव टैरिफ’ लागू होने की स्थिति में बिजली की दरें लागत से अधिक होंगी और कंपनियों के आकलन के अनुसार बिजली के दाम सीधे 10 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच सकते हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि इन जनविरोधी प्रावधानों के खिलाफ 12 फरवरी को देशभर के बिजली कर्मचारी एकजुट होकर एकदिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की जमीनों को अप्रयोज्य बताकर उत्तराखंड अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) को सौंपे जाने पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है, ऐसे में इसकी जमीनों को अप्रयोज्य बताना पूरी तरह अनुचित है।
अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या सरकार उत्तराखंड के पावर सेक्टर को समाप्त करना चाहती है। चेतावनी देते हुए कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो बिजली कर्मचारी चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया कि 8 मार्च को ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय बैठक देहरादून में आयोजित की जाएगी, जिसमें उत्तराखंड की जमीनों सहित सभी अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। सरकार द्वारा निर्णय वापस न लेने की स्थिति में आंदोलन को प्रदेश स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा और देशभर के बिजली कर्मचारी संगठन उत्तराखंड पहुंचेंगे।
प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के प्रधान महामंत्री महेंद्र राय, उत्तराखंड पावर इंजीनियर एसोसिएशन के वाईएस तोमर सहित राहुल चानना, पंकज सैनी, भानु प्रकाश जोशी, राकेश शर्मा, सुनील तंवर, रेखा डंगवाल, चित्र सिंह, एचएस रावत, विनोद कवि, सुनील मोगा और बीरबल सिंह मौजूद रहे।








