
कोर्ट को उड़ाने की धमकी का ई-मेल, नैनीताल से उत्तरकाशी तक हाई अलर्ट

नैनीताल/उत्तरकाशी। उत्तराखंड में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया जब नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों की जिला एवं सत्र अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। ई-मेल के जरिए मिली इस धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन न्यायालय परिसरों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऑल इंडिया जजेस एसोसिएशन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें नैनीताल जिला न्यायालय को निशाना बनाते हुए विस्फोट की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही अदालत परिसर में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। जिला बार एसोसिएशन नैनीताल के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने बताया कि मेल मिलने के बाद प्रशासन को तत्काल अवगत कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की गई।
नैनीताल के एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने पुष्टि की कि ई-मेल के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय में बम होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य एजेंसियों ने परिसर के अधिकांश हिस्सों की गहन जांच की, हालांकि अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
नैनीताल और उत्तरकाशी के साथ-साथ रामनगर न्यायालय को भी इसी प्रकार का धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ। ई-मेल में दावा किया गया कि जजों के चैंबर में 12 आरडीएक्स बम और आईईडी लगाए गए हैं। साथ ही तमिलनाडु में ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर रोक लगाने की मांग का उल्लेख भी किया गया।
एहतियातन नैनीताल, हल्द्वानी और रामनगर की अदालतों में पुलिस बल, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक टीमों को तैनात किया गया। अदालत कक्षों, न्यायाधीशों के चैंबर और वकीलों के कार्यालयों की बारीकी से जांच की गई। धमकी के चलते न्यायिक कार्यवाही बाधित रही और आम लोगों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगाई गई। पूरे परिसर को घेराबंदी कर सील किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है और फिलहाल जांच में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। एजेंसियां ई-मेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
वहीं इसी तरह की धमकी जिला न्यायालय उत्तरकाशी को भी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस ने अदालत परिसर खाली कराया और सुरक्षा बढ़ा दी। कोतवाल भावना कैंथोला के मुताबिक मेल में आरडीएक्स होने का उल्लेख था। इसके बाद पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की गई और एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल सभी न्यायालय परिसरों में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और ई-मेल के स्रोत की जांच का काम जारी है।








