
हल्द्वानी में इंसानियत हुई शर्मसार, चंदन अस्पताल में महिला की मौत के बाद बिल न भरने पर रोका शव
हल्द्वानी। अल्मोड़ा निवासी एक महिला की इलाज के दौरान मौत के बाद हल्द्वानी के एक नामी निजी अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने भारी-भरकम बिल की मांग करते हुए शव देने से इनकार कर दिया, जिससे अस्पताल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
जानकारी के मुताबिक अल्मोड़ा जिले के धारानौला क्षेत्र निवासी नन्दन बिरौड़िया अपनी पत्नी सीमा बिरौड़िया को बेस अस्पताल अल्मोड़ा से रेफर किए जाने के बाद हल्द्वानी स्थित चंदन अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में भर्ती होने के महज दो घंटे के भीतर ही महिला की मौत हो गई।
मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर करीब 80 हजार रुपये का बिल परिजनों को थमा दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिजन किसी तरह 57 हजार रुपये की व्यवस्था कर सके, लेकिन शेष करीब 30 हजार रुपये न दे पाने पर अस्पताल प्रबंधन ने मृतका का शव देने से इनकार कर दिया।
शव न मिलने से आहत और परेशान परिजनों ने इसकी सूचना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी को फोन के माध्यम से दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सीओ सिटी हल्द्वानी अमित कुमार और कोतवाली प्रभारी विजय मेहता को मौके पर भेजा।
पुलिस टीम ने चंदन अस्पताल पहुंचकर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए हस्तक्षेप किया। पुलिस की सख्ती के बाद अस्पताल प्रबंधन को मृतका का शव परिजनों को सौंपना पड़ा। साथ ही पुलिस ने मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करवाया, जिससे परिजन धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार कर सकें।
इस दौरान पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को भविष्य में इस तरह की अमानवीय हरकत न करने की कड़ी चेतावनी दी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मानवता को सर्वोपरि रखते हुए शव परिजनों को दिलाया गया है और पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है। जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।








