
उत्तराखंड : क्या एक और किसान चढ़ेगा सिस्टम की भेंट, अब एक बुजुर्ग महिला किसान ने लगाए विधायक और उनके परिवार पर संगीन आरोप

काशीपुर। ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र निवासी किसान सुखवंत के जमीन धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई न होने से आहत होकर गोली मारकर आत्महत्या करने की बेहद दुखद घटना के बाद अब केलाखेड़ा क्षेत्र से एक जमीन विवाद में न्याय की आस में भटक रही 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान महिला परमजीत कौर और उनके पुत्र ने सोशल मीडिया पर भावुक और चेतावनी भरा वीडियो जारी किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित परिवार ने गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे और उनके भाई के आवास के सामने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी है। उक्त वीडियो में बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में विधायक के भाई अमर पांडे ने धोखाधड़ी कर उनकी लगभग ढाई एकड़ कृषि भूमि को 30 वर्षों की लीज पर अपने नाम करवा लिया, जबकि सौदा केवल एक एकड़ भूमि का तय हुआ था।
परमजीत कौर के मुताबिक उन्हें जानबूझकर गुमराह किया गया और जब उन्होंने विरोध किया तो हर स्तर पर उनकी आवाज दबाई गई। महिला और उनके पुत्र ने प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में आंख मूंदे रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे पिछले छह वर्षों से न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित के मुताबिक उन्होंने किसान संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से भी मदद की गुहार लगाई है। इसको साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे विधायक अरविंद पांडे और उनके भाई के आवास के सामने सामूहिक आत्मदाह करने को मजबूर होंगे।
गौरतलब है कि यह विवाद नया नहीं है। इसी जमीन मामले को लेकर जून 2023 में परमजीत कौर एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ चुकी हैं। इससे पहले 22 फरवरी 2021 को उन्होंने शहीद भगत सिंह चौक पर आत्मदाह का प्रयास भी किया था, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
वहीं गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यदि उन्होंने किसी को सताया है या किसी की जमीन छीनी है तो सीबीआई से भी बड़ी जांच एजेंसी से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा वह महिला मेरी मां के समान हैं, यदि दोषी पाया गया तो सजा भुगतने को तैयार हूं।
गौरतलब है कि विधायक अरविंद पांडे ने काशीपुर निवासी किसान सुखवंत की आत्महत्या के मामले में ऊधमसिंह नगर पुलिस पर सवाल उठाए थे और सीबीआई जांच की मांग की थी। विधायक अरविंद पांडे के मुताबिक यदि पुलिस समय रहते पीड़ित किसान की सुन लेती, तो शायद सुखवंत को आत्महत्या जैसा कदम न उठाना पड़ता।
बहरहाल अब देखना यह होगा कि क्या सुखवंत के बाद एक और पीड़ित किसान परिवार सिस्टम की लचर कार्यप्रणाली का शिकार बनेगा या प्रशासन समय रहते ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाना सुनिश्चित करेगा।








