
जेल से छूटते ही अपराधी होशियार सिंह फिर बना हैवान, 5 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार
पिथौरागढ़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पांच वर्षीय मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घटना के आरोपी होशियार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी पर पहले भी एक नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज था, जिसमें उसे सजा हो चुकी थी। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉस्को एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में आजीवन कारावास अथवा मृत्युदंड तक का प्रावधान लागू किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 23 जून 2026 को पिथौरागढ़ कोतवाली क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी 5 वर्षीय पुत्री के दोपहर करीब एक बजे से लापता होने की सूचना दी थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली पिथौरागढ़ में तत्काल गुमशुदगी दर्ज करते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर संख्या 78/2026 दर्ज की गई। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक बबीता टम्टा को सौंपी गई, जबकि उपनिरीक्षक प्रियंका मौनी को सहयोगी अधिकारी नियुक्त किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पिथौरागढ़ पुलिस ने तत्काल चार विशेष टीमों का गठन किया। पुलिस ने शहर के सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों के 20 से 25 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार तलाशी अभियान के दौरान मासूम बच्ची को घटना के लगभग 8 घंटे बाद टनकपुर तिराहे के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। मेडिकल परीक्षण में बच्ची के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मुकदमे में धारा 65(2), 115(2), 137(2), 351(3) (बीएनएस) तथा पॉस्को एक्ट की धारा 5/6 जोड़ दी।
पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस टीमों ने 50 से 60 सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया, जिसके बाद आरोपी की पहचान होशियार सिंह निवासी रई धनौड़ा, पिथौरागढ़ के रूप में हुई।
मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पुलिस ने 25-26 जून की मध्यरात्रि करीब 12:15 बजे पुनेड़ी महर रोड स्थित एक मोड़ के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी होशियार सिंह कोई पहला अपराधी नहीं है। वर्ष 2022 में भी उसके खिलाफ एक 11 वर्षीय नाबालिग बालक के अपहरण और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ था। उस मामले में वर्ष 2024 में अदालत ने आरोपी को अपहरण के मामले में 7 वर्ष तथा पॉस्को एक्ट के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। आरोपी अल्मोड़ा, सितारगंज, हरिद्वार और पिथौरागढ़ जेल में बंद रहा तथा 14 मई 2026 को निजी बंधपत्र पर जेल से रिहा हुआ था।
पुलिस ने बताया कि वर्तमान मामले में आरोपी के खिलाफ ऐसी धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास अथवा परिस्थितियों के अनुसार मृत्युदंड तक का प्रावधान है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कठोरतम सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी।
घटना का सफल खुलासा करने वाली पिथौरागढ़ पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ ने पूरी टीम को ₹5,000 नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।









