
कांग्रेस के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में भिड़े कांग्रेसी, क्या ऐसे ही करेंगे 2027 में वापसी

प्रदेश अध्यक्ष के सामने नाराज विधायक ने छोड़ा मंच, तीन नेताओं को नोटिस और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पद से हटाया
पिथौरागढ़ में आयोजित कांग्रेस के परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान हुए हंगामे को लेकर पार्टी संगठन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की मौजूदगी में कार्यक्रम के दौरान मौजूदा कांग्रेस विधायक मयूख महर के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगे। हंगामे के बीच विधायक कार्यक्रम छोड़कर चले गए। इस बेहद शर्मनाक घटना के बाद प्रदेश कांग्रेस ने तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सम्मेलन में हुई अनुशासनहीनता को गंभीर मानते हुए कांग्रेस संगठन ने महेंद्र सिंह लुंठी, दीपक लुंठी और भावना नगरकोटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीनों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस घटना के बाद सबसे बड़ी कार्रवाई महिला कांग्रेस की पिथौरागढ़ जिलाध्यक्ष भावना नगरकोटी पर हुई। उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। साथ ही महिला कांग्रेस की पूरी जिला कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। संगठन का कहना है कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की गुटबाजी या अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
दरअसल, पिथौरागढ़ में आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन के दौरान हुई नारेबाजी के बाद कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। विधायक मयूख महर बीच कार्यक्रम से ही निकल गए। इसके बाद प्रदेश संगठन द्वारा इस मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड चुनाव से पहले ग्राउंड पर अपने आप को मजबूत करने में जुटी हुई है, वहीं पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी कांग्रेस नेतृत्व को लगातार परेशान कर रही है। ऐसे में कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती आपसी गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस के लिए प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा की हेड ट्रिक और अपने कार्यकर्ताओं की गुटबाजी पर कैसे रोक लगाएगी। यह बड़ा सवाल आम कांग्रेसी से बातचीत में निकल कर सामने आ रहा है।









