अनुसूचित जाति महिलाओं में उद्यमिता विकास हेतु कार्यक्रम आयोजित
रिपोर्ट : ऐजाज हुसैन
पंतनगर। अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा वित्तपोषित परियोजना ‘मशरूम एवं दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से पहाड़ी अनुसूचित जाति महिलाओं में उद्यमिता विकास’ के तहत जनपद पिथौरागढ़ के विकासखंड डीडीहाट के विभिन्न गांवों में बेसलाइन सर्वे एवं एक्सपोज़र विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों की अनुसूचित जाति की महिलाओं को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा उन्हें मशरूम उत्पादन और दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण के माध्यम से उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है।
कार्यक्रम के दौरान ओढ़गांव, लोहार तथा वरायल गांव की अनुसूचित जाति की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर महिलाओं से उनके वर्तमान आजीविका स्रोतों, कृषि एवं पशुपालन से संबंधित गतिविधियों तथा उनकी प्रशिक्षण आवश्यकताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए बेसलाइन सर्वे भी किया गया। इसके अतिरिक्त महिलाओं को सफल उद्यमिता के उदाहरणों से अवगत कराने और व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के लिए एक्सपोज़र विजिट का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में परियोजना अन्वेषक डा. अर्पिता शर्मा कंडपाल, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ ने महिलाओं को संबोधित करते हुए मशरूम उत्पादन की उन्नत तकनीकों, उसके पोषण महत्व तथा कम लागत में अधिक आय प्राप्त करने की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मशरूम उत्पादन एक ऐसा उद्यम है जिसे कम स्थान और सीमित संसाधनों के साथ भी आसानी से अपनाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने दुग्ध से बनने वाले विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों जैसे पनीर, घी, दही, फ्लेवर्ड मिल्क आदि के निर्माण एवं विपणन की संभावनाओं के बारे में भी महिलाओं को जागरूक किया।
इस अवसर पर डा. कंचन आर्या, वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ ने भी महिलाओं को कृषि आधारित लघु उद्यमों के महत्व के बारे में बताया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं संगठित होकर समूह के रूप में इन गतिविधियों को अपनाती हैं, तो वे न केवल अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं बल्कि अपने परिवार और समाज के आर्थिक सशक्तिकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में पंकज कुमार, ब्लॉक कोऑर्डिनेटर भी उपस्थित रहे। उन्होंने परियोजना के उद्देश्यों एवं आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में महिलाओं को जानकारी दी तथा उन्हें परियोजना से अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने मशरूम उत्पादन एवं दुग्ध आधारित मूल्य संवर्धित उत्पादों से संबंधित जानकारी को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नई तकनीकों को सीखने और उन्हें अपनाने की इच्छा व्यक्त की।









