
सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में एसाईटी ने दाखिल की चार्जशीट, तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत 12 आरोपी नामजद
हल्द्वानी। काशीपुर के चर्चित सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है। एसआईटी ने 29 पेज की चार्जशीट न्यायिक मजिस्ट्रेट काशीपुर की अदालत में दाखिल की है, जिसमें 12 आरोपियों को नामजद किया गया है। इस चार्जशीट में 58 गवाहों को शामिल किया गया है।
गौरतलब है कि काशीपुर निवासी सुखवंत सिंह ने 10-11 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम क्षेत्र स्थित गौलापार के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें जमीन से जुड़े धोखाधड़ी और पुलिस की कार्यप्रणाली से परेशान होने की बात कही थी। मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधिकारियों समेत कई नामी बिल्डरों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया था।
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद तत्कालीन एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सख्त कार्रवाई करते हुए आईटीआई कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया था। साथ ही पैगा चौकी के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले जांच जिला स्तरीय एसआईटी को सौंपी गई, जिसकी निगरानी तत्कालीन एसपी क्राइम निहारिका तोमर कर रही थीं। बाद में पुलिस मुख्यालय ने जांच अपने स्तर पर लेते हुए आईजी नीलेश आनंद भरणे की अध्यक्षता में नई एसआईटी का गठन किया। वहीं कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच सौंपी गई।
पहले इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन एसआईटी ने 79 दिनों की गहन जांच के बाद 12 आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर चार्जशीट दाखिल की है। इनमें एक आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने, सात पर धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने तथा चार आरोपियों पर धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
चार्जशीट में विमल कुमार, आशीष चौहान उर्फ पटवारी, कुलविंदर सिंह उर्फ जस्सी, अमरजीत सिंह, जगपाल सिंह, गुरप्रेम सिंह और जहीर के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप शामिल हैं। वहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष कुंदन सिंह रौतेला पर आत्महत्या के लिए उकसाने और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा बलवंत सिंह उर्फ काले, जगवीर सिंह, मनप्रीत सिंह और सुखवंत सिंह पन्नू पर धमकी देने के आरोप दर्ज किए गए हैं। हालांकि, एसआईटी की जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। आईपीएस अधिकारियों समेत 12 अन्य लोगों के खिलाफ जांच जारी है।









