
नैनीताल में होम स्टे पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 197 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी में मिली 169 गंभीर अनियमितताएं

नैनीताल। नैनीताल जिले में होम स्टे नियमावली के उल्लंघन पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को व्यापक छापेमारी अभियान चलाया।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की संयुक्त टीमों ने जिलेभर में होम स्टे और गेस्ट हाउसों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 197 होम स्टे और गेस्ट हाउसों की जांच की गई, जिनमें से 169 में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। प्रशासन अब इनके खिलाफ नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्तीकरण समेत सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है।
जांच में सामने आया कि 44 होम स्टे बिना पंजीकरण के संचालित किए जा रहे थे, जबकि 125 होम स्टे होम स्टे नियमावली-2015 के निर्धारित मानकों के विपरीत चलते पाए गए। निरीक्षण के दौरान टीमों को कई जगह पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली। अधिकांश होम स्टे में निजी पार्किंग उपलब्ध नहीं थी, जबकि नियमों के तहत यह अनिवार्य है।
इसके अलावा कई होम स्टे में संचालक स्वयं मौके पर मौजूद नहीं मिले। नियमावली के अनुसार होम स्टे स्वामी का वहीं निवास करना जरूरी है, लेकिन कई स्थानों पर यह शर्त पूरी नहीं की जा रही थी। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कुछ होम स्टे में स्वयं का किचन नहीं था या भोजन व्यवस्था स्वामी के किचन से संचालित नहीं की जा रही थी।
प्रशासनिक टीमों को यह भी पता चला कि कई होम स्टे बाहरी राज्यों के लोगों द्वारा व्यावसायिक रूप से संचालित किए जा रहे हैं। कुछ मामलों में होम स्टे अन्य व्यक्तियों को लीज पर दिए गए थे, जो नियमों का खुला उल्लंघन माना जा रहा है।
नैनीताल शहर में एसडीएम नवाजिश खलिक और राजस्व पुलिस की टीम ने तल्लीताल बूचड़खाना, प्राणी उद्यान मार्ग और मल्लीताल मोहन को चौराहा क्षेत्र में 16 होम स्टे पर छापेमारी की। जांच में एक भी होम स्टे नियमावली-2015 के मानकों पर खरा नहीं उतरा। सभी 16 होम स्टे में पार्किंग, किचन और स्वामी की उपस्थिति से जुड़ी गंभीर खामियां मिलीं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि होम स्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय निवासियों को रोजगार देना, स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना और राज्य की आर्थिकी को मजबूत करना है। लेकिन कई स्थानों पर बाहरी लोग घरेलू बिजली-पानी कनेक्शन का उपयोग कर व्यावसायिक गतिविधियां चला रहे हैं और जीएसटी का भुगतान किए बिना राज्य को राजस्व नुकसान पहुंचा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सभी अनियमितताओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अवैध और नियमों के विपरीत संचालित 169 होम स्टे और गेस्ट हाउसों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो नियमानुसार लाइसेंस निरस्तीकरण सहित अन्य कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।









