
नेशनल हाईवे पर गजराज और स्कूटी की जोरदार भिड़ंत, टक्कर से हाथी का दांत टूटकर हुए तीन टुकड़े-महिला घायल
खटीमा। उधम सिंह नगर जिले के खटीमा के चकरपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक बेहद हैरान करने वाला सड़क हादसा सामने आया, जहां स्कूटी सवार एक महिला सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर रहे जंगली हाथी से जा टकराई। इस अजीबो-गरीब हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि टक्कर लगने से विशालकाय हाथी का एक दांत टूटकर गिरने से उसके तीन टुकड़े हो गए। वहीं मौके से गुजर रहे शिक्षकों के शोर मचाने के कारण हाथी जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ।
जानकारी के मुताबिक, श्रीपुर बिछवा निवासी शिक्षिका निकिता कापड़ी (23) पत्नी रोहित कापड़ी मंगलवार सुबह अपने मायके टनकपुर से खटीमा स्थित हिंद पब्लिक स्कूल ड्यूटी के लिए स्कूटी से निकली थीं। जैसे ही वह बनबसा और चकरपुर के बीच घने जंगल वाले हिस्से में पहुंचीं, तभी अचानक एक विशालकाय हाथी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया। इससे पहले कि शिक्षिका कुछ समझ पातीं, स्कूटी सीधे हाथी से जा टकराई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी तेज थी कि हाथी का एक दांत टूटकर नीचे गिर गया, जबकि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद घायल शिक्षिका ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह खुद को सुरक्षित दूरी तक पहुंचाया।
इसी दौरान पीछे से आ रहे राइंका गैंडाखाली और राइंका सूखीढांग के शिक्षक-शिक्षिकाओं के दल ने घटना देख जोर-जोर से शोर मचाया। शिक्षिका शाइस्ता परवीन, रवि बगोटी, रेखा कन्याल, पीएम शाह, डॉ. आरबी यादव, विक्रम सिंह धामी और महेंद्र पाल सिंह के शोर के बाद हाथी जंगल की ओर भाग गया।
वहीं सूचना मिलने पर चकरपुर चौकी प्रभारी विकास कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही वन विभाग की टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची। घायल शिक्षिका को एनएच एंबुलेंस की मदद से खटीमा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत स्थिर बताई है।
वन क्षेत्राधिकारी हरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि टूटे हुए हाथी के दांत को कब्जे में लेकर सुरक्षित रेंज कार्यालय में रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र हाथी कॉरिडोर में आता है, जहां अक्सर हाथियों के झुंड सड़क पार करते हैं। घटना के बाद इलाके में दो ट्रैप कैमरे लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, ताकि हाथियों और अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
वन विभाग ने वाहन चालकों से आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि जंगल क्षेत्र से गुजरते समय तेज रफ्तार और लापरवाही भारी पड़ सकती है।
उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में लगातार बढ़ रही मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। नेशनल हाईवे से लेकर गांवों तक हाथियों की आमद ने साफ कर दिया है कि जंगल और आबादी के बीच संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है।









