
लालकुआं विधानसभा में “बाहरी बनाम स्थानीय” की खींचतान, भाजपा को पहुंचाएगी नुकसान
लालकुआं। लालकुआं विधायक डाॅ. मोहन सिंह बिष्ट व पूर्व विधायक नवीन दुमका और युवा नेता दीपेंद्र कोश्यारी के बीच बढ़ती राजनीतिक सक्रियता ने लालकुआं विधानसभा में भाजपा की अंदरूनी राजनीति को गरमा दिया है। वर्ष-2027 के विधानसभा चुनाव में अभी भले ही समय हो, लेकिन टिकट को लेकर दावेदारों के बीच शुरू हुई रस्साकशी अब खुलकर सामने आने लगी है।
वर्तमान विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट जहां अपने कार्यकाल और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों के दम पर दोबारा टिकट मिलने को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक नवीन दुमका भी संगठन और पुराने कार्यकर्ताओं में अपनी पकड़ के सहारे मजबूत दावेदारी जता रहे हैं। दूसरी ओर युवा नेता दीपेंद्र कोश्यारी ने भी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाकर चुनावी माहौल को नया मोड़ दे दिया है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो भाजपा के भीतर अब “बाहरी बनाम स्थानीय” की बहस भी तेज होती जा रही है। पार्टी का एक वर्ग स्थानीय चेहरे को प्राथमिकता देने की बात कर रहा है, जबकि दूसरा गुट संगठन और हाईकमान की पसंद को अहम मान रहा है। ऐसे में टिकट को लेकर खींचतान भविष्य में पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है।
बीते दिनों लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के मोटाहल्दू में होली पर्व के अवसर पर आयोजित दीपेंद्र कोश्यारी के गृह प्रवेश कार्यक्रम ने राजनीतिक हलकों में खास चर्चा बटोरी। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने दीपेंद्र की बढ़ती राजनीतिक पकड़ के संकेत दिए। साथ ही इस अवसर पर बड़ी संख्या में जुटी भीड़ को भाजपा के भीतर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर भी देखा जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र में युवा नेता दीपेंद्र कोश्यारी की सक्रियता और बढ़ती लोकप्रियता ने कई दिग्गजों की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों की मानें तो पार्टी हाईकमान फिलहाल क्षेत्र की राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। हालांकि टिकट किसे मिलेगा, यह आने वाला समय तय करेगा, लेकिन इतना तय है कि लालकुआं विधानसभा में भाजपा के भीतर शुरू हुई यह अंदरूनी खींचतान आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।









