
किच्छा निकाय चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त, जनता ने कांग्रेस को जिताकर नफरत की राजनीति को नकारा

संपादक की ✍️ कलम से
किच्छा (ऊधम सिंह नगर)। नगर पालिका परिषद किच्छा के बहुचर्चित चुनाव में जनता ने भारतीय जनता पार्टी को करारा झटका देते हुए कांग्रेस के पक्ष में जनादेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बुधवार 7 अक्टूबर को हुई मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशियों की जीत ने यह साबित कर दिया कि किच्छा की गंगा-जमुनी तहजीब वाली जनता ने विकास और भाईचारे को चुना है, नफरत और बांटने की राजनीति को सिरे से नकार दिया है।
आरोप है कि 22 सितंबर को हुए मतदान के बाद भाजपा खेमा लगातार मतगणना में देरी कराने और प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिशों में लगा रहा, लेकिन वार्ड 18 से नवनिर्वाचित सभासद सायरा बानो समेत अन्य प्रत्याशियों की सुप्रीम कोर्ट तक चली अदालत की लड़ाई रंग लाई। सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट की रोक हटाते हुए तत्काल मतगणना का आदेश दिया।
किच्छा मण्डी मतगणना स्थल पर कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुई गिनती में कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष राजेश प्रताप सिंह और अधिकांश वार्डों में कांग्रेस समर्थित सभासदों ने जीत दर्ज की। मतगणना प्रपत्र-18 प्राप्त करने के बाद नवनिर्वाचित सभासद सायरा बानो ने कहा कि यह जीत किच्छा की जनता की जीत है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले चुनावों में भाजपा द्वारा ध्रुवीकरण की कोशिशों के बावजूद इस बार किच्छा की जनता ने एकजुट होकर कांग्रेस को जिताकर स्पष्ट संदेश दिया है कि यहां विकास, शिक्षा और आपसी सौहार्द की राजनीति ही चलेगी।
भाजपा की इस हार को सत्ता के अहंकार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश के रूप में देखा जा रहा है।









