बड़ी खबर : गुटखा-सिगरेट की बिक्री एमआरपी से ज्यादा, खुली कालाबाजारी पर प्रशासन बना मूकदर्शक

बड़ी खबर : गुटखा-सिगरेट की बिक्री एमआरपी से ज्यादा, खुली कालाबाजारी पर प्रशासन बना मूकदर्शक

कमी का हवाला देकर वसूले जा रहे अधिक दाम, उपभोक्ताओं ने की जांच की मांग

रिपोर्ट- ऐजाज जर्नलिस्ट

लालकुआं। लालकुआं नगर समेत आसपास के क्षेत्रों में गुटखा और सिगरेट की बिक्री अब सीधे-सीधे उपभोक्ता अधिकारों पर चोट बनकर सामने आ रही है। कंपनियों द्वारा अधिकृत रूप से गुटखा और सिगरेट के दामों में किसी भी प्रकार की मूल्य वृद्धि न किए जाने के बावजूद बाजार में निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत उपभोक्ताओं से वसूली जा रही है।

बताया जा रहा है कि 5 रुपये में बिकने वाला गुटखा खुलेआम 7 से 8 रुपये प्रति नगद में बेचा जा रहा है। वहीं 20 रुपये की सिगरेट 25 रुपये में और 10 रुपये की सिगरेट 15 रुपये तक में बेची जा रही है। यहां चौंकाने वाली सबसे बड़ी बात यह है कि पैकेट पर बाकायदा एमआरपी अंकित है, बावजूद इसके दुकानदार खरीदारों से अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं। अधिकांश दुकानदारों द्वारा “आपूर्ति बाधित” और “माल की कमी” का हवाला देकर उपभोक्ताओं से अधिक रकम वसूली जा रही है। कई ग्राहकों का आरोप है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में जान-बूझकर भंडारण कर कृत्रिम संकट पैदा किया जा रहा है, ताकि ऊंचे दामों पर बिक्री की जा सके। इससे ग्राहकों में सरकार और प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली को लेकर खासा आक्रोश व्याप्त है।

यहां बताते चलें कि 1 अप्रैल से निर्धारित बीड़ी, गुटका, पान और तंबाकू पर जीएसटी रेट बढ़ने थे। परंतु मुनाफाखोरों की टोली ने माल को स्टॉक कर धड़ल्ले से महंगे दामों पर छोटे दुकानदारों को बेचना शुरू कर दिया है। वहीं छोटे दुकानदारों ने भी मोटी कमाई के लालच में ग्राहकों को मनमाने ढंग से अधिक दाम बताकर लूटना शुरू कर दिया है।

जिसको लेकर ग्राहक इस पूरे मामले में प्रशासन और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन न तो नियमित जांच अभियान चलता दिखाई दे रहा है और न ही एमआरपी से अधिक वसूली करने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई होती नजर आ रही है।

उपभोक्ताओं की मांग है कि जिम्मेदार विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से सघन जांच अभियान चलाकर दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और बढ़ती महंगाई के बीच गुटखा और सिगरेट की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

News 24 Uk Up
Author: News 24 Uk Up

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