
बड़ी खबर: पुलिस सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन उठाकर ले गई अस्पताल, छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर लगाया बदसलूकी का आरोप
देशभर में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन के बीच शनिवार तड़के बड़ा बवाल हो गया। आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जबरन अस्पताल ले गई। इस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। आंदोलनकारियों ने पुलिस पर जबरन कार्रवाई तथा छात्रों के साथ धक्का-मुक्की करने के आरोप लगाए हैं।
शुक्रवार देर रात सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने बताया कि उनका आमरण अनशन 20 दिन पूरा कर चुका है और इस दौरान उनके शरीर का लगभग 20 प्रतिशत वजन कम हो गया है। उन्होंने कहा कि लंबे अनशन के दौरान पहले शरीर की चर्बी खत्म होती है, फिर मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं और उसके बाद शरीर के महत्वपूर्ण अंग प्रभावित होने लगते हैं।
वीडियो में उन्होंने देशवासियों से सवाल करते हुए कहा कि क्या भारत में बच्चों की शिक्षा और उनका भविष्य प्याज की कीमतों से भी कम महत्वपूर्ण है। उन्होंने याद दिलाया कि देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर बड़े जनआंदोलन हुए और सरकारें तक बदल गईं, लेकिन छात्रों के भविष्य और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर अभी तक वैसी जनभागीदारी देखने को नहीं मिली। उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत आम जनता होती है।
इस बीच शनिवार तड़के पुलिस सबसे पहले आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके के ठहरने के स्थान पर पहुंची और उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस दौरान छात्रों के साथ धक्का-मुक्की की गई और कुछ लोगों ने लाठीचार्ज का भी आरोप लगाया। वहीं दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज की पुष्टि नहीं की है।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों ने आमरण अनशन पर बैठे नेहा, आमेन और मनीष की सुरक्षा के लिए उनके चारों ओर मानव श्रृंखला बना ली है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि तीनों छात्र अपने अनशन के 21वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं और उन्हें भी हटाए जाने की आशंका है। छात्रों ने देशभर के लोगों से जंतर-मंतर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है।
नई दिल्ली जिले के डीसीपी ने बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। उनकी सुरक्षा और आवश्यक उपचार को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए हलचल हुई, लेकिन पूरी प्रक्रिया संयम और शांति के साथ पूरी की गई। इस दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर को शांतिपूर्वक खाली करने की अपील भी की गई।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर यह आंदोलन पिछले 30 दिनों से लगातार जारी है। प्रदर्शनकारी देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों में जवाबदेही तय करने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में व्यापक सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रसिद्ध समाजसेवी सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के समर्थन में बीस दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे।
इस घटनाक्रम के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर और इस आंदोलन के संयोजक अभिजीत दिपके भी आमरण अनशन पर बैठने की घोषणा कर दी है।







