
महंगाई की चौतरफा मार से आमजन बेहाल, मंहगी गैस-चीनी-प्याज ने निकाले आंख से आंसू

चीनी के बढ़ते दाम ने बढ़ाई सबसे ज्यादा चिंता, गैस और प्याज की महंगाई से भी बिगड़ा घरेलू बजट
संपादक की कलम ✍️
नई दिल्ली। देशभर में बढ़ती महंगाई की चौतरफा मार ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। अब रोजमर्रा में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली चीनी के दामों में अचानक हुई तेजी ने आमजन की रसोई का बजट गड़बड़ा दिया है। चाय से लेकर मिठाई और तमाम खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाली चीनी महंगी होने से आम उपभोक्ता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को चीनी की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत करीब 54.06 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई। कई स्थानीय बाजारों में खुदरा कीमत इससे काफी अधिक होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कीमतों में तेजी ऐसे समय आई है जब त्योहारी सीजन नजदीक है और चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है।
चीनी के दाम बढ़ने का असर केवल घरेलू रसोई तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी, चाय और अन्य खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में आम उपभोक्ता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। कीमतों में अचानक तेजी ने जमाखोरी और बाजार में आपूर्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
वहीं रसोई गैस और प्याज की बढ़ती कीमतों ने भी घर का बजट बिगाड़ रखा है। CRISIL Intelligence की जुलाई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक प्याज की कीमत सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत, खाद्य तेल की 11 प्रतिशत और एलपीजी की कीमत करीब 10 प्रतिशत बढ़ी। इसके चलते घर में तैयार होने वाली शाकाहारी थाली की लागत भी एक साल में करीब 4 प्रतिशत बढ़ी है।
महंगाई की लगातार बढ़ती मार से सीमित आय वाले परिवारों के सामने घर का खर्च चलाना चुनौती बनता जा रहा है। आम उपभोक्ताओं की मांग है कि चीनी समेत आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण, जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि रसोई के बढ़ते खर्च से आमजन को राहत मिल सके।









