
लालकुआं विधानसभा सीट में ‘स्थानीय चेहरे’ पर कांग्रेस खेल सकती है दांव, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुन्दन सिंह मेहता ने की मजबूत दावेदारी
लालकुआं। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव-2027 की आहट के साथ ही प्रदेश की सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित विधानसभा सीटों में शुमार 56-लालकुआं विधानसभा का सियासी तापमान बढ़ने लगा है। भाजपा के कब्जे वाली इस सीट पर कांग्रेस इस बार पूरी रणनीति के साथ उतरने की तैयारी में है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पिछले विधानसभा चुनाव के अनुभवों से सबक लेते हुए कांग्रेस आलाकमान ने इस बार स्थानीय, जनाधार वाले और जिताऊ चेहरे को ही चुनाव मैदान में उतारने का मन बनाया है।
ऐसे में बिन्दुखत्ता निवासी पूर्व सैनिक एवं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुन्दन सिंह मेहता विधायक टिकट के सबसे मजबूत एवं प्रबल दावेदारों में शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय होने के कारण बिन्दुखत्ता समेत पूरे विधानसभा क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। पूर्व सैनिक होने के साथ-साथ वे लंबे समय से सामाजिक कार्यों और जनसेवा से भी जुड़े रहे हैं। आम लोगों के बीच सहज उपलब्धता, सरल स्वभाव और सक्रिय जनसंपर्क उनकी प्रमुख राजनीतिक ताकत मानी जा रही है।
उन्होंने कहा वे लालकुआं विधान सभा सीट पर टिकट के मजबूत दावेदार हैं। उनका दावा किया है कि यदि पार्टी उन्हें टिकट देती है, तो वे विधानसभा क्षेत्र की महान जनता के आशिर्वाद से भाजपा को करारी शिकस्त देंगे।
इसके अलावा लालकुआं सीट पर कांग्रेस दावेदारों में क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा तथा हेमवती नंदन दुर्गापाल समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों की सूची में शामिल हैं। इनमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरेंद्र बोरा, पूर्व में बतौर कांग्रेस प्रत्याशी और एक बार निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि टिकट वितरण का अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान द्वारा सर्वे रिपोर्ट और संगठनात्मक फीडबैक के आधार पर ही लिया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हार से लिया सबक
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लालकुआं से चुनाव मैदान में उतारने का दांव अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका और उन्हें भाजपा प्रत्याशी मोहन सिंह बिष्ट के हाथों बड़ी हार का सामना करना पड़ा। माना जा रहा है कि इसी अनुभव के बाद कांग्रेस इस बार किसी भी तरह का राजनीतिक जोखिम लेने के बजाय स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है।
दोहरा सर्वे तय करेगा टिकट
सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस इस बार प्रत्याशी चयन के लिए दो स्तरों पर सर्वे करा रही है। पहले चरण में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के पार्टी पदाधिकारियों, बूथ कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। दूसरे चरण में चुनावी एजेंसी के माध्यम से गोपनीय सर्वे भी कराया जा रहा है, जिसमें संभावित प्रत्याशियों की लोकप्रियता, जीत की संभावना, जनस्वीकार्यता और राजनीतिक समीकरणों का आकलन किया जा रहा है। दोनों रिपोर्टों के आधार पर ही टिकट वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस आलाकमान लगातार सक्रिय
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस आलाकमान भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश प्रभारी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता लगातार उत्तराखंड का दौरा कर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर जनता में व्यापक असंतोष है तथा प्रदेश बदलाव की ओर देख रहा है। पार्टी इन्हीं जनसरोकारों को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।
हॉट सीट पर रहेगी पूरे प्रदेश की नजर
राजनीतिक दृष्टि से लालकुआं विधानसभा सीट हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण रही है। वर्ष 2022 के चुनाव में यह सीट पूरे प्रदेश की सबसे चर्चित सीट बनी थी। यही वजह है कि वर्ष 2027 में भी इस सीट पर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर टिकी हुई है। कांग्रेस यदि स्थानीय और मजबूत जनाधार वाले चेहरे पर दांव लगाती है तो लालकुआं का चुनाव उत्तराखंड की सबसे दिलचस्प चुनावी लड़ाइयों में शामिल हो सकता है।
हालांकि, चुनाव अभी दूर है और कांग्रेस ने अभी तक किसी भी संभावित उम्मीदवार के नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है। ऐसे में अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन राजनीतिक गलियारों में फिलहाल वरिष्ठ कांग्रेसी हरेंद्र बोरा और कुन्दन सिंह मेहता के नाम सबसे अधिक चर्चा में बने हुए हैं।








