
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश विधानसभा में गरजे, जनहित और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अहम मुद्दों को प्रमुखता से सदन में उठाया

गैरसैंण/हल्द्वानी। हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने विधानसभा सत्र के दौरान जनहित और क्षेत्रीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह आम जनता, खिलाड़ियों, पत्रकारों और युवाओं से जुड़े विषयों पर गंभीरता से ध्यान दे तथा उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे।
सत्र के दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने सबसे पहले हल्द्वानी स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के संदर्भ में खिलाड़ियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में नौकरी या अन्य प्रोत्साहन देने के लिए क्या कोई स्पष्ट नीति बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि खिलाड़ियों को समय पर प्रोत्साहन और अवसर मिलें तो उत्तराखंड के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
विधायक ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खिलाड़ियों को आ रही विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने सरकार से मांग की कि इनका शीघ्र समाधान किया जाए ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने विधानसभा में राशन कार्ड सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। विधायक का कहना था कि सत्यापन के दौरान आम जनता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और कई पात्र परिवारों के नाम सूची से हटने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और जनहितकारी बनाया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार अपने अधिकार से वंचित न रहे।
विधायक ने प्रदेश की महत्वपूर्ण नंदा गौरा योजना का मुद्दा उठाते हुए सरकार से पूछा कि इस योजना के अंतर्गत अब तक कितने वर्षों का भुगतान लंबित है और पात्र लाभार्थियों को उनका बकाया कब तक मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से हजारों बेटियों और परिवारों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं, इसलिए भुगतान में हो रही देरी को जल्द दूर किया जाना चाहिए।
विधायक सुमित हृदयेश ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए पत्रकारों के लिए रहने की व्यवस्था का मुद्दा भी सदन में रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकार समाज और सरकार के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम करते हैं, इसलिए उनके लिए सम्मानजनक और समुचित व्यवस्था होना जरूरी है।
उन्होंने स्मार्ट मीटर का मुद्दा भी उठाया और सरकार से पूछा कि यदि किसी उपभोक्ता का मौजूदा बिजली मीटर सही ढंग से काम कर रहा है, तो उसे जबरन बदलने की आवश्यकता क्यों बनाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए आम जनता पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। साथ ही उन्होंने इस विषय पर पारदर्शी नीति बनाने और जनता की आशंकाओं का समाधान करने की मांग की।
विधायक सुमित हृदयेश ने हल्द्वानी की नजूल भूमि (भूमिधरी) के मुद्दे को भी जोरदार तरीके से सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि शहर की बड़ी आबादी वर्षों से नजूल भूमि पर निवास कर रही है और मकानों व दुकानों पर लाल निशान लगाए जाने से लोगों में भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लाल निशान लगाने वाली सरकार नहीं चलेगी, सबको मालिकाना हक मिलना चाहिए।
विधायक ने सरकार से मांग की कि हल्द्वानी की जनता को जल्द मालिकाना हक दिया जाए और इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि वर्षों से वहां रह रहे लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि वे सदन के माध्यम से लगातार जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे और जनहित से जुड़े हर विषय पर सरकार को जवाबदेह बनाने का काम करते रहेंगे।









